ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पंजाब प्रदेश के पायल नगर में स्थित प्राचीन महादेव मंदिर एक महान शक्ति स्थल है। करीब 5500 वर्ष पुराने इस मंदिर का अपना ही एक अलग महत्व और इतिहास है
यह मंदिर शायद एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसे बाबर जैसा आक्रमक शासक भी इस शक्ति पीठ को पूर्णतया नष्ट नहीं कर सका जब बाबर ने इस शिवलिंग को खंडित करने का प्रयत्न किया तो इसका ऊपरी भाग खंडित होते ही उसके ऊपरी भाग से रक्त प्रवाहित होने लगा यह देख कर बाबर डर गए और उन्होंने इस प्राकृतिक स्वयंभू शिवलिंग को और खंडित करने के बजाये उसके इर्दगिर्द मंदिर नुमा निर्माण कर दिया और जब इसको बदलने लगे तो इसमें से आवाज़ आयी की यह खंडित ही पूजा जायेगा तब से इस खंडित शिवलिंग की ही पूजा की जाती है...
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हर हर महादेव





